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मुंबई। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा गणेश पंडाल का दौरा किया। उन्होंने भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती तथा लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और गणेशोत्सव के जीवंत वातावरण की जमकर प्रशंसा की।
सर्जियो गोर का लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के पदाधिकारियों ने स्वागत किया। पंडाल पहुंचने के बाद उन्होंने भगवान गणेश की प्रतिमा के सामने सिर झुकाकर प्रार्थना की। उन्हें गणेशोत्सव और लालबागचा राजा की परंपरा के बारे में भी जानकारी दी गई। पूजा के बाद मंडल की ओर से उन्हें प्रसाद और स्मृति चिह्न भेंट किए जाने की जानकारी सामने आई है।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: US Ambassador to India, Sergio Gor, says, "It's absolutely incredible. I'm honored to be here. It's great to be invited. I think everybody should come here and see this, because there aren't many places that are this vibrant. The energy is… https://t.co/tvNSoiS8e3 pic.twitter.com/cHDh3j52KM
— ANI (@ANI) September 14, 2026
लालबागचा राजा के दर्शन के बाद अमेरिकी राजदूत ने कहा कि इस प्रसिद्ध गणपति पंडाल में आकर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसी जीवंत जगहें बहुत कम देखने को मिलती हैं। पंडाल में श्रद्धालुओं की आस्था, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा को उन्होंने अद्भुत बताया।
गोर ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान लालबागचा राजा के दर्शन करना उनके लिए विशेष अनुभव रहा। उन्होंने उन लोगों से भी इस पंडाल में आने की अपील की, जिन्होंने अब तक यहां का माहौल नहीं देखा है। राजदूत के अनुसार, पंडाल में उपस्थित लोगों का उत्साह और भगवान गणेश के प्रति उनकी आस्था इस आयोजन को अलग पहचान देती है।
राजदूत ने मुंबई में गणेश चतुर्थी के आयोजन और उससे जुड़ी परंपराओं को करीब से समझने में रुचि दिखाई। पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को देखकर उन्होंने भारतीय त्योहारों की सामुदायिक भावना की सराहना की। उनकी यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा होने लगी।
सर्जियो गोर ने लालबागचा राजा के दर्शन करने के बाद वहां की ऊर्जा और जीवंतता की प्रशंसा की। उन्होंने इसे ऐसा अनुभव बताया, जिसे मुंबई आने वाले लोगों को जरूर महसूस करना चाहिए।
लालबागचा राजा मुंबई के सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय सार्वजनिक गणेश पंडालों में से एक है। प्रत्येक वर्ष गणेशोत्सव के दौरान देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां भगवान गणेश के दर्शन करने पहुंचते हैं। सामान्य श्रद्धालुओं के साथ फिल्म, उद्योग, खेल और राजनीति से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां भी पंडाल में पूजा-अर्चना करती हैं।
लालबागचा राजा की स्थापना और पूजा की परंपरा कई दशक पुरानी है। श्रद्धालुओं के बीच भगवान गणेश का यह स्वरूप “नवसाचा गणपति” के रूप में भी लोकप्रिय है। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से यहां मांगी गई मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही कारण है कि गणेशोत्सव के दौरान पंडाल के बाहर दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं।
सार्वजनिक गणेशोत्सव के पहले दिन से ही पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। मंडल की ओर से दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। अलग-अलग श्रेणियों में दर्शन की व्यवस्था होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग कई घंटे तक कतार में प्रतीक्षा करते हैं।
मुंबई में गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। घरों से लेकर सार्वजनिक पंडालों तक भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। ढोल-ताशों, पारंपरिक संगीत और “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष के बीच पूरे शहर में उत्सव का माहौल दिखाई देता है।
सर्जियो गोर का लालबागचा राजा जाना सांस्कृतिक संपर्क के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसी विदेशी राजनयिक द्वारा स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में भाग लेने से उसे भारतीय समाज की विविधता और परंपराओं को करीब से समझने का अवसर मिलता है। ऐसे कार्यक्रम औपचारिक कूटनीतिक बैठकों से अलग लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देते हैं।
भारत और अमेरिका के संबंध रक्षा, व्यापार, शिक्षा, तकनीक और वैश्विक राजनीति जैसे क्षेत्रों तक फैले हुए हैं। दोनों देशों के बीच बड़ी संख्या में लोगों का भी सीधा संबंध है। अमेरिका में भारतीय मूल का बड़ा समुदाय रहता है, जो गणेशोत्सव सहित विभिन्न भारतीय त्योहारों को व्यापक स्तर पर मनाता है। अमेरिकी शहरों में भी कई स्थानों पर सार्वजनिक गणेश पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। उन्हें ज्ञान, समृद्धि और शुभारंभ का देवता माना जाता है। इस दिन घरों तथा सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। कई दिनों तक पूजा, आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव का विशेष महत्व है। मुंबई, पुणे और राज्य के अन्य शहरों में छोटे-बड़े हजारों पंडाल बनाए जाते हैं। लालबागचा राजा के अलावा मुंबईचा राजा, अंधेरीचा राजा और जीएसबी सेवा मंडल जैसे गणेश पंडाल भी श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय हैं। हालांकि, लालबागचा राजा के दर्शन के लिए आने वाली भीड़ और यहां की परंपराएं इसे विशेष बनाती हैं।
इस वर्ष गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू हुआ है और इसका समापन अनंत चतुर्दशी के अवसर पर 25 सितंबर को विसर्जन के साथ होगा। इस अवधि में लालबागचा राजा के दर्शन के लिए देश-विदेश से लोगों के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की यह यात्रा गणेशोत्सव के अंतरराष्ट्रीय आकर्षण को भी सामने लाती है। पूजा-अर्चना के बाद उनकी ओर से की गई प्रशंसा ने लालबागचा राजा के श्रद्धालुओं और आयोजन समिति का ध्यान खींचा। उनके बयान का मुख्य संदेश यही रहा कि मुंबई आने वाले लोगों को इस पंडाल की आस्था, ऊर्जा और जीवंत वातावरण का अनुभव अवश्य करना चाहिए।





